सत्ता संग्राम में उलझे छत्तीसगढ़ के नेता: ढाई साल के फार्मूलें को लेकर छिड़ी बहस

cg_news_2021_ts-singh-deo-bhupesh-baghel-chhattisgarh-congress_18

१५ साल बाद कांग्रेस का शासन तो आया लेकिन छत्तीसगढ़ में 2 चेहरे सामने आये। एक भूपेश बघेल तो दूसरे बाबा यानी टी.एस.सिंहदेव का सामने आया ।
इन तीनों नामों में दो नाम टी.एस.सिंहदेव व भूपेश बघेल का जो कांग्रेस के लिये सीएम पद बनाने के लिये निर्णायक रहे। इस पर पलड़ा भूपेश बघेल का ही भारी रहा।
भूपेश बघेल जो पाटन  विधानसभा सीट से विधायक हैं उन्हें ही सीएम पद की कुर्सी मिली।
यहॉ यह उल्लेखनीय है कि जिस प्रकार से सीएम उम्मीदवारी को लेकर शुरूआत से दिल्ली कांग्रेस तक गांधी खेमे तक दोनों के कार्यकर्ताओं समर्थकों का हुजुम पहुंचा था और झड़पे भी हुई थी। जिसके कारण लोगों को बीच ढाई-ढाई साल के फार्मूले की  चर्चा शुरू हुई।

अब ढाई साल तो हो चुके हैं इसलिये चर्चा का बाजार गरम हो चुका है कि क्या सीएम टी.एस. सिंहदेव बनेंगे? क्या पार्टी अलाकमान उन्हें सीएम बनाने का ऐलान करेगी?
यह तो भविष्य में पता चलेगा कि कौन सीएम रहेगा या नया सीएम मिलेगा?
फिलहाल दिल्ली में छत्तीसगढ़ प्रदेश के महापौर, विधायक बैठक में हिस्सा लेने को पहुंचे हैं, इसके अलावा सीएम बघेल और टी.एस.सिंहदेव भी शामिल हैं। क्या होगा नतीजा यह तो वक्त ही बतायेगा।

और नया पुराने