दुनिया में सबसे अधिक आबादी होने के बावजूद चीन इसलिए बढ़ाना चाहता है जनसंख्या?

पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी के मामले में चीन, भारत और अमेरिका टॉप तीन की सूची में आते हैं. लेकिन जिस चीन ने जनसंख्या नियंत्रण को लेकर दुनिया की सबसे विवादास्पद नीति को अपने देश में लागू किया, आज वो अपनी जनसंख्या बढ़ाना चाहता है और चीन में थर्ड चाइल्ड पॉलिसी (Third Child Policy) भी अब गई है. अमेरिका में भी कई विशेषज्ञों ने आबादी को 100 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य जरूरी बताया है जबकि भारत के लिए बढ़ती जनसंख्या सबसे बड़ी चुनौती है लेकिन इसके नियंत्रण को लेकर हमारा देश कई दशकों से खुद को लाचार महसूस करता है.

 

घटती और बुजुर्ग होती जनसंख्या से परेशान हुआ चीन

क्या चीन अपनी घटती जनसंख्या से परेशान है?

जी हां, सही सवाल है यह। चीन ने  घोषणा की है कि प्रत्येक माता-पिता को तीन बच्चे पैदा करने की अनुमति होगी। ड्रैगन ने हाल ही में सामने आए उन आंकड़ों के बाद इस नीतिगत बदलाव की घोषणा की है, जिसमें बच्चों के जन्म में नाटकीय गिरावट देखी गई थी।

2016 में, चीन ने अपनी दशकों पुरानी एक बच्चे की नीति को समाप्त कर दिया था। चीन ने जनसंख्या विस्फोट को रोकने के लिए यह नीति लागू किया था। दो बच्चों की सीमा के साथ चीन में बच्चों के जन्म में निरंतर वृद्धि नहीं हुई। चीन की शहरों में बच्चों की परवरिश की उच्च लागत ने कई जोड़ों ने इसे नहीं अपनाया।

क्यों जनसंख्या बढ़ाना चाहता है चीन?

पहला कारण- चीन में जनसंख्या वृद्धि की दर में ऐतिहासिक गिरावट. अनुमान है कि चीन की आबादी का पीक वर्ष 2025 से 2030 के बीच आएगा. इस दौरान चीन की आबादी 145 करोड़ से 150 करोड़ के बीच रह सकती है. लेकिन इस पीक के बाद चीन की जनसंख्या कम होनी शुरू हो जाएगी.

  दुनिया की 18.47% आबादी चीन में

इस समय पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है चीन. 144 करोड़ की आबादी के साथ चीन इस सूची में पहले स्थान पर है. दूसरे स्थान पर है भारत, जहां कुल आबादी 139 करोड़ है और तीसरे स्थान पर है अमेरिका. अमेरिका की कुल आबादी 33 करोड़ है. यानी इस हिसाब से देखें तो पूरी दुनिया की कुल आबादी में 18.47 प्रतिशत हिस्सा अकेले चीन का है. भारत की हिस्सेदारी 17.7 प्रतिशत है और अमेरिका की हिस्सेदारी 4.25 प्रतिशत है. लेकिन जनसंख्या को लेकर इन तीनों देशों की नीतियां अलग-अलग हैं.

चीन दुनिया का पहला ऐसा देश है, जिसने जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कड़े कानून बनाए. वर्ष 1979 में One Child Policy लागू की. ये पालिसी 37 वर्षों तक चीन में लागू रही. फिर चीन ने इसमें कुछ नरमी बरती और वर्ष 2016 में Second Child Policy लेकर आया और आज ये पॉलिसी भी उसने बदली दी है. अब चीन पूरे देश में Third Child Policy लाने वाला है. मतलब लोग अब तीन बच्चों को जन्म दे सकेंगे. पिछले कुछ दशकों में जनसंख्या को लेकर चीन का नजरिया पूरी तरह बदल गया है. पहले वो जनसंख्या नियंत्रित करना चाहता था और अब वो जनसंख्या बढ़ाना चाहता है

ऐसा अनुमान है कि भारत वर्ष 2027 तक चीन को सबसे ज्यादा आबादी के मामले में पीछे छोड़ देगा और इसीलिए हमारे देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर अक्सर चर्चा होती है और विशेषज्ञ इसे जरूरी मानते हैं. यानी चीन जनसंख्या बढ़ाना चाहता है और भारत के लिए जनसंख्या का बढ़ना एक चिंता का विषय है और इसे लेकर कड़े कानून की चर्चा होती रहती है और ये चर्चा नई नहीं है.

 

أحدث أقدم