सर्वे: कोरोना की दूसरी लहर को लेकर ऐसा रहा मोदी सरकार पर लोगों का विश्वास
आईएएनएस/सीवोटर कोविड ट्रैकर सर्वे के ताजा आंकड़ों में यह बात सामने आई
है। घातक वायरस से निपटने के लिए केंद्र सरकार की साख और क्षमता को लेकर
देश के नागरिकों के विश्वास में, जो इस साल 16 मार्च को 66.3 प्रतिशत था,
मई के मध्य में तेज गिरावट देखी गई। 10 मई को एकत्र किए गए कोविड ट्रैकर
डेटा में, केवल 32.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने सदी के सबसे खराब संकट से
निपटने के लिए केंद्र सरकार की क्षमता में अपना विश्वास व्यक्त किया।
ट्रैकर में खुलासा हुआ है कि देश में कोविड संक्रमण और मृत्यु दर बढ़ने के
आठ सप्ताह के भीतर नेट रेटिंग 66.3 प्रतिशत से घटकर 32.4 प्रतिशत हो गई थी।
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- आईएएनएस/सीवोटर कोविड ट्रैकर के अनुसार, महामारी से निपटने के लिए
केंद्र सरकार की कुल अनुमोदन रेटिंग 16 जून को 52.1 प्रतिशत तक सुधर गई।
जनता की धारणा में यह उछाल सात जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के
राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद देखा गया, जब उन्होंने महामारी से निपटने के
लिए कई उपायों की घोषणा की। हालांकि, यह उछाल केवल कोविड संकट और टीकाकरण
के मुद्दे तक ही सीमित है। सरकार के साथ समग्र संतुष्टि रेटिंग अभी भी लंबी
रिवकरी कर्व पर है, जहां ट्रैकर में सामने आया है कि मई के तीसरे सप्ताह
में यह स्लाइड बंद हो गई, जब इसने 17 मई को 35 प्रतिशत अंक और अंतिम सप्ताह
में 40 प्रतिशत के मील के पत्थर पार कर लिया।
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- वास्तविक सुधार 7 जून को प्रतिबिंबित होना शुरू हुआ, जब कोविड से निपटने
पर अंतत: 13 जून को 50 प्रतिशत के निशान को पार करने से पहले नेट रेटिंग
45 प्रतिशत के निशान को पार कर गई। आईएएनएस/सीवोटर कोविड ट्रैकर से पता
चलता है कि यह विश्वास की कमी कम होने लगी और जून के पहले सप्ताह के बाद
सरकार के पक्ष में चीजें सुधरने लगीं, जब मोदी ने सभी के लिए मुफ्त कोविड
वैक्सीन शॉट्स की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन
में घोषणा की थी कि केंद्र कोविड टीकाकरण की जिम्मेदारी लेगा और 21 जून से
18 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी भारतीयों को मुफ्त टीके उपलब्ध कराएगा।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि केंद्र सरकार केंद्रीकृत टीकाकरण अभियान के
हिस्से के रूप में टीकों की खरीद करेगी और राज्यों को मुफ्त में देगी।